केदारनाथ ने ओढ़ी बर्फ की चादर, बदला मौसम का मिजाज

विश्व विख्यात केदारनाथ धाम में तीसरे दिन भी रुक- रुककर बर्फबारी होती रही। धाम में लगभग तीन फीट तक बर्फ जम चुकी है। जिसके चलते धाम में चल रहे पुननिर्माण कार्यों पर भी रोक लग गया है। केदारनाथ धाम में काम कर रहे 47 मजदूर अपने घर वापस लौट आए है। परन्तु अभी भी कुछ 40-50 मजदूर वहां मौजूद है।

केदारनाथ धाम के तापमान में भारी गिरावट आ गई है। केदारपुरी के चारों तरफ़ की पहाड़ियां भी चार से पांच फीट तक बर्फ की चादर में डक गई है। सफेद चादर में ढका केदारनाथ देखने में बहुत ही सुंदर लग रहा है और प्रकृति का खूबसूरत मंजर यहां देखने को मिल रहा है।

इसके अलावा द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ के साथ ही क्रौंच पर्वत पर विराजमान भगवान कार्तिकेय के मंदिर में भी काफ़ी बर्फबारी हो रही है। वहीं, चोपता और तुंगनाथ में बर्फ पड़ने की खबर सुनते ही वहां सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी है।

चारधामों में लाइन में खड़े होने से अब मिलेगी राहत

चारधामों में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में खड़े होने से छुटकारा मिलेगा। सरकार पहली बार “क्यू मैनेजमेंट सिस्टम” तैयार कर रही है। इससे श्रद्धालुओं को एक टोकन दिया जाएगा, जिसमे उनके दर्शन करने का समय उन्हें दिया जाएगा।

पर्यटन विभाग ने चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी है। पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने बताया कि चारधामों में दर्शन के लिए क्यू मैनेजमेंट सिस्टम बनाया जा रहा है, जिसमे श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को धाम में पहुंचने पर एक टोकन नंबर दिया जाएगा। जिसमें दर्शन के किए समय निर्धारित होगा।

उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही पर्यटन विभाग चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू कर देगा। जिसके विभाग ने अभी से तैयारी पूरी कर ली है। श्रद्धालुओं की भीड़ ना बढ़े, इसलिए दो माह पहले से पंजीकरण शुरू किया जा रहा है।

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व्यवस्था से श्रद्धालुओं को कई घंटों तक लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। बीते वर्ष बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस बार यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

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